जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने थलीसैंण तहसील का विस्तृत निरीक्षण करते हुए न्यायिक प्रक्रिया, राजस्व व्यवस्थाओं तथा जनसुविधाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सार्वजनिक परिसर अधिनियम के अंतर्गत लंबित मामलों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने, प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा सप्ताह में दो दिन नियमित कोर्ट संचालन के निर्देश दिए। साथ ही जिला सरकारी अधिवक्ता की न्यायालय की तिथि पर अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मॉडर्न रिकॉर्ड रूम एवं भू-अभिलेख कक्ष का अवलोकन करते हुए अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने तहसील परिसर में स्वच्छता, शौचालयों की स्थिति तथा पेयजल व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त नज़ारत कक्ष का निरीक्षण करते हुए स्टॉक रजिस्टर, मुख्यमंत्री राहत कोष पंजिका सहित अन्य अभिलेखों की भी जांच की गई।
जिलाधिकारी ने तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो अनुभाग का निरीक्षण करते हुए जनता दरबार पंजिका का अवलोकन किया तथा मुख्यालय से प्राप्त होने वाले पत्रों की पृथक पंजिका अनिवार्य रूप से बनाए जाने के निर्देश दिए। इसके उपरांत संग्रह अनुभाग की समीक्षा के दौरान वसूली की स्थिति की जानकारी लेते हुए बकायेदारों से प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने, बड़े बकायेदारों की सूची का अवलोकन कर उन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। मेडिकल अवकाश पर गए कार्मिकों की वर्तमान स्थिति से भी जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। निरीक्षण क्रम में ई-डिस्ट्रिक्ट अनुभाग का भी निरीक्षण किया गया।
इसी दौरान पर्यावरण मित्रों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर पिछले पांच माह से वेतन न मिलने की समस्या रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने स्वच्छ सुलभ फाउंडेशन को 31 जनवरी तक पूर्ण वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि समयसीमा का पालन न होने की स्थिति में बकाया राशि की राजस्व की भांति वसूली की जाएगी।
तहसील परिसर में आवास की आवश्यकता से अवगत कराए जाने पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि इस संबंध में आवश्यक निरीक्षण कर आख्या उपलब्ध कराएं, जिससे उपलब्ध सरकारी भवनों में बैठने की अनुमति दी जा सके तथा पटवारियों को कार्य संचालन में सुविधा मिल सके।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने पटवारियों एवं कानूनगो के साथ बैठक कर जमीनी स्तर की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने पटवारी चौकियों की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि चौकियों के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार कर प्रस्ताव जल्द उपलब्ध कराएं।
जिलाधिकारी ने पटवारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से जाने के लिए रोस्टर तैयार किया जाए तथा अपने क्षेत्र में बैठना सुनिश्चित किया जाए। जनता की सुविधा के लिए सभी राजस्व चौकियों पर पटवारियों के नाम व मोबाइल नंबर के साथ सूचना बोर्ड/बैनर लगाए जाने के निर्देश भी दिए गए।
दैवीय आपदा की स्थिति में सार्वजनिक क्षति का समुचित रिकॉर्ड संधारित करने, स्थायी निवास एवं आय प्रमाणपत्रों के लंबित मामलों के कारणों की समीक्षा करने तथा प्रमाणपत्र आवेदनों को अस्वीकृत करने के स्थान पर आपत्ति दर्ज कर सुधार का अवसर देने के निर्देश दिए गए, ताकि नागरिकों को बार-बार आवेदन न करना पड़े। साथ ही उन्होंने शीत लहरी से निपटने तथा अलाव जलाने की स्थिति की जानकारी भी ली।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने जनसमर्पण पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेने, विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर उपजिलाधिकारी को रिपोर्ट उपलब्ध कराने तथा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने पटवारियों से सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त करते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाना है, जिसमें फील्ड स्तर के अनुभव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
